National anthem lyrics in Hindi-Rabindranath Tagore-INDIA

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भारत के राष्ट्रगान ;रबिन्द्रनाथ टैगोर National anthem
राष्ट्रगान की भाषा:बंगाली
सबसे पहले गाया :भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कलकत्ता मीटिंग में 27 दिसंबर 1911
संगीतकार :मदनापल्लै
राष्ट्रगान का समय :52 सेकण्ड
अंतिम संशोधन : जुलाई 15, 2016

भारत के राष्ट्रगान जन गण मन का अर्थ

राष्ट्रगान का अर्थ इस प्रकार है:– “सभी लोगों के मस्तिष्क के शासक, कला तुम हो, भारत की किस्मत बनाने वाले [ये पंक्ति भारत के नागरिकों को समर्पित है, क्युकी लोकतंत्र में नागरिक ही वास्तविक स्वामी होता है] [ अगली पंक्तिया भारत देश की भूमि को नमन करते हुए है ] तुम्हारा नाम पंजाब, सिन्ध, गुजरात और मराठों के दिलों के साथ ही बंगाल, ओड़िसा, और द्रविड़ों को भी उत्तेजित करता है, इसकी गूँज विन्ध्य और हिमालय के पहाड़ों में सुनाई देती है, गंगा और जमुना के संगीत में मिलती है और भारतीय समुद्र की लहरों द्वारा गुणगान किया जाता है। वो तुम्हारे आर्शीवाद के लिये प्रार्थना करते है और तुम्हारी प्रशंसा के गीत गाते है। [अगली पंक्तिया देश के सैनिकों और किसानों को समर्पित है ] तुम ही समस्त प्राणियों को सुरक्षा एवं मंगल जीवन प्रदान करने वाले हो, और तुम ही भारत के वास्तिविक भाग्य विधाता हो जय हो जय हो जय हो तुम्हारी। आप सभी से मिलकर ये राष्ट्र बना है, अतः आप सबकी जय जय जय जय हे”

National anthem lyrics in Hindi

जन गण मन

अधिनायक जय हे

भारत भाग्य विधाता

पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा

द्राविड़ उत्कल बंग

विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा

उच्छल जलधि तरंग

तव शुभ नामे जागे

तव शुभ आशिष मागे

गाहे तव जय गाथा

जन गण मंगल दायक जय हे

भारत भाग्य विधाता

जय हे जय हे जय हे

जय जय जय जय हे

National anthem lyrics in English

jan gan man

adhinaayak jay he

bhaarat bhaagy vidhaata

panjaab sindh gujaraat maraatha

draavid utkal bang

vindhy himaachal yamuna ganga

uchchhal jaladhi tarang

tav shubh naame jaage

tav shubh aashish maage

gaahe tav jay gaatha

jan gan mangal daayak jay he

bhaarat bhaagy vidhaata

jay he jay he jay he

jay jay jay jay he

भारत के राष्ट्रगान का इतिहास

रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा ‘जन गन मन अधिनायक’ को पहले बंगाली में लिखा गया था, और इसका हिन्दी संस्करण संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी 1950 को स्वीकार किया गया। 1911 में टैगोर ने इस गीत और संगीत को रचा था और इसको पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कलकत्ता मीटिंग में 27 दिसंबर 1911 में गाया गया था। इस गीत के एक संस्करण का बंगाली से अंग्रेजी में अनुवादित किया गया और तब इसका संगीत मदनापल्लै में सजाया गया जो कि आंध्रप्रदेश के चित्तुर जिले में है। भारत के राष्ट गान को गाने के लिए निर्धारित समय ५२ सेकण्ड है, और इस समय सभी जन सावधान की मुद्रा में भारतीय ध्वज की तरफ उन्मुख होते है
अंतिम संशोधन : जुलाई 15, 2016

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