Athra Baras Ki Tu Lyrics||Mohammed Rafi||Suhaag

Athra Baras Ki Tu Lyric||Mohammed Rafi||Suhaag

Song : Athra Baras Ki Tu Hone Ko Aayi Re
Album : Suhaag (1979)
Singer : Mohammad Rafi, Lata Mangeshkar
Musician : Laxmikant, Pyarelal
Lyricist : Anand Bakshi

Description;-चलचित्र समाज का प्रतिबिम्ब होता है यह बात इस तरह के गानों पर सटीक बैठती है बीना किसी भौड़ेपन और अश्लीलता के लोगों का मनोरंजन कैसा होता है आज की पीढ़ी को इन सब गानों से सबक लेना चाहिए अंगप्रदर्शन से आप किसी के दिमाग को खोखला कर सकते है लेकिन किसी के दिल पर गहरा प्रभाव इस तरह से ही छोड़ा जा सकता है ।

ATHRA BARAS KI TU HONE KO AAYI RE LYRICS – Suhaag
Read & sing along Athra Baras Ki Tu Hone Ko Aayi Re Lyrics from the movie Suhaag – 1979 which is sung by Mohammad Rafi and Lata Mangeshkar. You can also get other songs & lyrics from Suhaag.

Athra Baras Ki Tu Lyrics In English

Athra Baras Ki Tu
Hone Ko Aayi Re Lyrics
Athra baras ki
tu hone ko aayi re
Athra baras ki

tu hone ko aayi re
Kaun poochhega
jatan kuchh kar le
Sajan kar le
jatan kuchh kar le
Khali baaton se

teri baat na banegi raja
Khali baaton se
teri baat na banegi raja
Humse na hoga
milan kuchh kar le
Kuchh kar le
jatan kuchh kar le

Mere ghunghru
salamat hazaron
kadardaan hain
Mere ghunghru
salamat hazaron
kadardaan hain

Ek tu hi nahi dil mein
Dil mein lakhon
mehman hain
Lakhon mehman hain
Lekin kab tak naachegi
kabhi to thakega

Badan kuchh kar le
Kuchh kar le
jatan kuchh kar le

Athra Baras Ki Tu Lyrics In Hindi

अठरा बरस की तू होने को आई रे
अठरा बरस की तू होने को आई रे
कौन पूछेगा जातां कुछ कर ले
साजन कर ले जातां कुछ कर ले
खाली बातो से तेरी


बात ना बनेगी राजा
खाली बातो से तेरी
बात ना बनेगी राजा
हम से न होगा मिलान कुछ कर ले
कुछ कर ले जातां कुछ कर ले

मेरे घुँघरू सलामत
हज़ारो क़द्रदान है
मेरे घुँघरू सलामत
हज़ारो क़द्रदान है
एक तू ही नहीं दिल में दिल


में लाखो मेहमान है
लाखो मेहमान है
लेकिन अब तक नाचेगी
कभी तो थकेंगी
जातां कुछ कर ले
कुछ कर ले जातां कुछ कर ले

हूँ कर लें हम से
मोहब्बत मोहब्बत
कर लें हम से मोहब्बत
गुज़ार ना जाएं घड़ियाँ
टूटती है पायल तो
बनती है हथकड़ियाँ
हाय टूटती है पायल तो


बनती है हथकड़ियाँ
मई हथकड़ियाँ पहनूँगी
मई हथकड़ियाँ पहनूँगी न
पहनूँगी तेरे कगन
कुछ कर ले कुछ कर ले
जातां कुछ कर ले
अठरा बरस की


तू होने को आई रे
अठरा बरस की
तू होने को आई रे
कौन पूछेगा
जातां कुछ कर ले
हम से न होगा
मिलान कुछ कर ले
कुछ कर ले जातां कुछ कर ले.

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